प्रतिज्ञा क्या है?

भारतीय समाज के गहरे पुरुष प्रधान मूल्यों के कारण अधिकांश महिलाओं से उनके यौन और प्रजनन संबंधी अधिकार छिन जाते हैं। महिलाओं के यौन एवं प्रजनन व्यवहारों को लिंगभेद और हिंसा के बल पर दबाया जाता है। लिंग अनुपात में तेज गिरावट तथा मातृ मृत्य व बीमारी मे बढोतरी महिलाआंे से भेदभाव और बीमारी रहित जीवन जीने का बुनियादी अधिकार भी छीन लिये जाने का प्रतिबिम्ब है।

इस बात को ध्यान मे रखते हुए कि उन तथाकथित व्यावहारिक (प्रोग्रामैटिक) और सामाजिक-सांस्कृतिक कारणों पर ध्यान देने की आवश्यकता है जो महिलाओं को लिंगभेद के आधार पर लिंग चयन करने के लिए मजबूर करते हैं तथा उनके गर्भपात संबंधी व्यवहार को सीमित , कलंकित और अपराधबोध करते हैं।

प्रतिज्ञा अभियान “लैंगिक समानता और सुरक्षित गर्भपात” जनवरी 2013 में शुभारंभ हुआ। यह अभियान भारत में महिला अधिकारों को बढ़ावा देने और सुरक्षित गर्भपात तक उनकी पहुंच बढ़ाने को प्रतिबद्ध है।

अभियान महिलाओं को सक्षम बनाने के उद्देश्य से सुरक्षित गर्भपात तक उनकी पहुंच बढ़ाने और समाज में लिंग चयन की मानसिकता से उत्पन्न लिंग भेद से निपटने पर जोर देता है। अभियान में हम सभी यह समझते हैं कि सुरक्षित गर्भपात तक पहुंच तथा लिंग चयन दो अलग समस्याएं हैं और दोनों का समाधान करना जरूरी है। पहली बात तो यह कि महिलाओं को सुरक्षित गर्भपात एक अधिकार है मिले, और दूसरी यह कि लिंग चयन पर रोक लगे, क्योंकि यह एक कुरीति है जो पुरुष प्रधान समाज में महिलाओं की स्थिति को दर्शाता है।

अभियान में महिला सशक्तिकरण व स्वास्थ्य के मुद्दों पर सरकार के साथ राष्टीªय और राज्य स्तर पर काम कर रहे लोग और संगठन शामिल हैं।

अभियान के तहत एक ऐसा मंच बनाने का लक्ष्य है जो लैंगिक समानता को बढ़ावा दे, लिंग चयन के मुद्दे को इस नजरिए से सामने रखे, और साथ ही, महिला के सुरक्षित गर्भपात के अधिकार की वकालत करे।

अभियान की रणनीतिक प्राथमिकताओं को पूरा करने के लिए चार समूह बनाए गए हैं।

1. अभियान में भागीदारों का विस्तार
2. संबंधित कानूनों के बारे में स्पष्ट जानकारी देना (जैसे चिकित्सकीय गर्भपात (एमटीपी) कानून, गर्भधारण से पूर्व और बच्चे के जन्म से पहले जांच तकनीकी कानून (पीसीपीएनडीटी) और दवा एवं काॅस्मेटिक्स कानून)
3. कानूनी तौर पर मान्य गर्भपात और लैंगिक समानता के बारे में जन-जन को जानकारी देना
4. सरकारी अस्पतालों में दवाओं द्वारा गर्भपात

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अभियान के संस्थापक सदस्यों के बीच आरंभिक विचार-विमर्श के आधार पर कार्य समूह गठित किए गए हैं, जो अभियान के लक्ष्यों को पूरा करने के मकसद से आवश्यक कार्यों की योजना बना रहे हैं और उन्हें लागू कर रहे हैं। निर्णय लेने का काम आसान बनाने, वर्तमान परिस्थिति और अभियान की भूमिका पर विचार करने के लिए एक अभियान समन्वयन समूह का गठन किया गया है।